किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके छोटे नन्हें नागरिक (विद्यार्थी) ही होते हैं। तो इसका तात्पर्य यह है कि विद्यार्थी की शिक्षा यदि उचित हो अर्थात् विद्यार्थी अपने राष्ट्र से प्रेम करते हुए राष्ट्रभक्ति बनकर शिक्षा ग्रहण करें तो फिर वह राष्ट्र सदैव विकास ही करता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जय गौ माता (जेजीएम) गुरुकुलम अपने विद्यार्थियों को राष्ट्र प्रेम के साथ शिक्षा प्रदान करता है। और यही राष्ट्र ग्रहण करके हमारे विद्यार्थी आगे जाकर इस भारत देश की शान बनेंगे। यही वो बच्चे होगें जो पूरे विश्व में भारत देश का नाम शिखर पर पहुँचाएगें। इसी सोच के साथ 31 वर्षीय गो पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता परमपूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से इस संस्था का निर्माण हुआ है। जब भी कभी राष्ट्र की संस्कृति व गौरव की रक्षा हेतु आह्यान किया जाएगा और पूछा जाएगा कि ‘‘सबसे पहले कौन आगे आएगा’’ तो आवाज आएगी ‘‘मैं’’। और यह आवाज होगी जे.जी.एम. गुरुकुलम के देशभक्त विद्यार्थियों की .......
हमारा उद्देश्य यह है कि जय गौ माता (जेजीएम) गुरुकुलम में पढ़ने वाले विद्यार्थी 95-97 प्रतिशत अंक प्राप्त करें परन्तु सिर्फ और सिर्फ किताबी कीड़ा न बनकर रह जाएं। विद्यार्थी की शिक्षा बहुआयामी होनी चाहिए। हर प्रकार का ज्ञान व जानकारी विद्यार्थियों को होनी चाहिए। भारतीय प्राचीन गुरुकुलीय शिक्षा तो हम बच्चों को दें ही परन्तु , आधुनिक परिवेश से भी बच्चों को परिचित करवायें। विद्यार्थी संस्कृत का श्लोक बोलें, तो कम्प्यूटर चलाने का भी उसे ज्ञान हो। विद्यार्थी को हिन्दी आए, तो अंग्रेजी बोलने में भी वो पीछे ना रहे।
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