IDENTIFICATION AND REFERRAL OF SAM CHILD

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Jyoti Tanti is a Sahiya of Jenabeda village in West Singhbhum district. One day during a VHSND sahiya visited Seema at her place, as she had not turned up to get her child vaccinated as per the duelist. She found that Seema’s child is weak and had marks on her body. Upon enquiring in detail, she came to know that on 12th Dec 2020, Seema gave birth to a healthy… Read More »IDENTIFICATION AND REFERRAL OF SAM CHILD

चुनौती को पार करके अपनी एक अलग पहचान बनाने की कहानी

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पूनम देवी  धनबाद के गोविंदपुर प्रखण्ड के तिलैया क्लस्टर की चुटियारो गाँव की सहिया है। सहिया दीदी 2007 से इस पद पे काम करते हुए अपने समुदाय को स्वास्थ्य के प्रति लगातार जागरूक कर रही हैं l इन्हे काम करने के दरमियान काफी सारी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है जिसमें सबसे बड़ी चुनौती कोरोना काल का समय था ऐसे समय में लोगों के स्वास्थ्य को अच्छा रखने की… Read More »चुनौती को पार करके अपनी एक अलग पहचान बनाने की कहानी

गृह भ्रमण के दौरान कम वजन के बच्चे की पहचान एवं रेफरल की कहानी

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यह कहानी गढ़वा जिले के मझिआँव स्वास्थ्य केन्द्र से लगभग 23 कि0मी0 दूर स्थित अनुसूचित वाहुल्य गाँव कोवाडी की रहने वाली एक महिला बसन्ती (बदला हुआ नाम) की है।बसन्ती का प्रसव दिनांक 22 दिसम्बर 2021 को डाल्टेनगंज अवस्थित अस्पताल सेवा सदन में हुआ। प्रसव सामान्म तरीके से हुआ तथा जन्म के तुरंत बाद बच्चा रोया भी था। परन्तु जन्म के समय बच्चे का वजन मात्र 1 किलो 400 ग्राम था।… Read More »गृह भ्रमण के दौरान कम वजन के बच्चे की पहचान एवं रेफरल की कहानी

सहिया के सशक्तिकरण की कहानी

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मैं मानपति देवी, लवाचम्पा गाँव के लोग मुझे सहिया दीदी के नाम से जानते हैं| जिला मुख्यालय गढ़वा से 36 किलोमीटर एवं प्रखण्ड मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर अवस्थित इस गांव का जनसंख्या 1236  धीरे – धीरे गाँव के लोग सहिया क्या है और वह क्या करती है समझने लगे |  मैं भी घर – घर जाकर अपने गांव के लोगों को समझाती थी कि अगर कोई भी बीमार पड़े… Read More »सहिया के सशक्तिकरण की कहानी

Participation in PLA Meetings Helps in Timely Decision Making, Saving Life of a Child

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Participation in PLA Meetings Helps in Timely Decision Making, Saving Life of a Child Reena, live in Barchhabandh, a village in the district of Garhwa. Like most other villages in Jharkhand, life here still fights for the right of better access to basic facilities like health, education, sanitation, communication, electricity and above all, win over poverty! With 2500+ population, mostly belonging to the other backward classes we live in thatched… Read More »Participation in PLA Meetings Helps in Timely Decision Making, Saving Life of a Child